प्राण निय়े तो सट्केछि रे, करवि एखन की !
Pran niye to sotkechhi 1
वाल्मीकि प्रतिभा Valmiki Pratibha से · दृश्य 4
प्राण निय়े तो सट्केछि रे, करवि एखन की ! ओरे वरा, करवि एखन की ! वावा रे,आमि चुप करे एइ कचुवने लुकिय়े थाकि । एइ मरदेर मुरदखाना,देखेओ कि रे भड়कालि ना ! वाहवा, शावाश तोरे, शावाश रे तोर भरसा देखि ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Praan niye to sotkechhi re, korbi ekhon ki. Ore bora, korbi ekhon ki. Baaba re, aami chup kore ai kochubone lukiye thaaki. Ai maroder murodkhana, dekheo ki re bharkali na. Bahoba! Shaabash tore, shaabash re tor bharsa dekhi.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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