प्राणे गान नाइ, मिछे ताइ
Prane gan nai michhe
पूजा
२३८
प्राणे गान नाइ, मिछे ताइ फिरिनु ये
वाँशिते से गान खुँजे।
प्रेमेरे विदाय़ क’रे देशान्तरे
वेला याय़ कारे पूजे॥
वने तोर लागास आगुन, तवे फागुन किसेर तरे–
वृथा तोर भस्म-’परे मरिस युझे॥
ओरे, तोर निविय़े दिय़े घरेर वाति
की लागि फिरिस पथे दिवाराति–
ये आलो शतधाराय़ आँखिताराय़ पड़े झ’रे
ताहारे के पाय़ ओरे नय़न वुजे?। यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Praane gaan naai, michhe taai phirinu je Bnaasite se gaan khuje. Premere biday kore deshantare Bela jaay kaare puje. Bone tor laagas agun, tobe phaagun kiser tare - Britha tor bhashma pare moris jujhe. Ore tor nibiye diye gharer baati Ki laagi phiris pathe dibaraati - Je aalo shatodhaaray aankhirtaaray pare jhore Taahare ke paay ore nayon buje?
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 9 April 1914(২৬ চৈত্র ১৩২০)
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