प्रभात-आलोरे मोर काँदाय़े गेले
मिलनमालार डोर छिँड़िय़ा फेले॥
पड़े या रहिल पिछे सव हय़े गेल मिछे,
वसे आछि दूर-पाने नय़न मेले॥
एके एके धूलि हते कुड़ाय़े मरि
ये फुल विदाय़पथे पड़िछे झरि।
भावि नि रवे ना लेश से दिनेर अवशेष–
काटिल फागुनवेला की खेला खेले॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Probhat- aalore mor knaadaye gele
Milonomaalar dor chniriya phele.
Pore ja rohile piche sob hoye gelo miche,
Bose aachi dur-paane nayon mele.
Eke eke dhuli hote kuraaye mori
Je phul bidaypothe poriche jhori.
Bhaabi ni rabe na lesh se diner aboshesh -
Kaatilo phaagun bela ki khela khele.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें।सभी प्लान देखें →Patreon से साइन इन करें