राख् राख् फेल धनु
Rakh rakh phal dhonu
वाल्मीकि प्रतिभा Valmiki Pratibha से · दृश्य 4
राख् राख् फेल् धनु, छाड়िस ने वाण । हरिण-शावक दुटि प्राणभय়े धाय় छुटि, चाहितेछे फिरे फिरे करुण नय়ान । कोनो दोष करे नि तो सुकुमार कलेवर— केमने कोमल देहे विँधिवि कठिन शर ! थाक् थाक् ओरे थाक्, ए दारुण खेला राख्, आज हते विसर्जिनु ए छार धनुक वाण ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Raakh raakh phel dhanu, chhaaris ne baan. Horinshabok duti praanbhaye dhaay chhuti, Chaahitechhe phire phire karuno nayaan. Kono dosh kare ni to sukumar kalebar- Kemone komal dehe bnidhibi kotthin shar. Thaak thaak ore thaak, e daarun khela raakh, Aaj hote bisarjinu e chhaar dhanuk baan.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1886(১২৯৩)
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