রঙ লাগালে বনে বনে কে
Rong lagale bone bone
Prakriti
रङ लागाले वने वने के । ढेउ जागाले समीरणे के ॥ आज भुवनेर दुयार खोला दोल दियेछे वनेर दोला— दे दोल ! दे दोल ! दे दोल ! कोन् भोला से भावे-भोला खेलाय प्राङ्गणे के ॥ आन् वाँशि— आन् रे तोर आन् रे वाँशि, उठल सुर उच्छ्वासि फागुन-वातासे । आज दे छडिये शेष वेलाकार कान्ना हासि— सन्ध्याकाशेर वुक-फाटा सुर विदाय-राति करवे मधुर, मातल आजि अस्तसागर सुरेर प्लावने के ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Rang laagale bone bone ke. Dheu jaagale somirone ke. Aaj bhuboner duyar khola dol diyechhe boner dola - De dol! De dol! De dol! Kon bhola se bhaabe-bhola khelay praangone ke. Aan bnaashi - aan re tor aan re bnaashi, Utthlo sur uchchhwaasi phaagun-baatase. Aaj de chhoriye chhoriye shesh belakar kaanna haasi - Sondhyakasher buk phaata sur biday raati korbe modhur, Maatlo aaji astosaagor surer plaabone ke.
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- पर्याय
- Prakriti · 236(প্রকৃতি)
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- प्रकाशित
- Nataraj
- स्वरबितान खण्ड
- 3
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1927(১৩৩৪)
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