সকল জনম ভ’রে ও মোর দরদিয়া
Sakal janam bhore
Puja
सकल जनम भ’रे ओ मोर दरदिय़ा,
काँदि काँदाइ तोरे ओ मोर दरदिय़ा॥
आछ हृदय़-माझे
सेथा कतइ व्यथा वाजे,
ओगो ए कि तोमाय़ साजे
ओ मोर दरदिय़ा?।
एइ दुय़ार-देओय़ा घरे
कभु आँधार नाहि सरे,
तवु आछ तारि ’परे
ओ मोर दरदिय़ा।
सेथा आसन हय़ नि पाता,
सेथा माला हय़ नि गाँथा,
आमार लज्जाते हेँट माथा
ओ मोर दरदिय़ा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sakol janom bhore o mor darodiya, Knaadi knaadai tore o mor darodiya. Aachho hridoyo-maajhe Setha katoi byatha baaje, Ogo e ki tomay saaje O mor darodiya ? Ei duwaar-dewa ghare Kabhu aandhar naahi sare, Tabu aachho taari pare O mor darodiya. Setha aason hoy ni paata, Setha maala hoy ni gnaatha, Aamar lajjaate hnet maatha O mor darodiya.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 163(পূজা)
- उप-पर्याय
- Biraha
- राग
- Kirtan-Tappa
- ताल
- Baitalik
- स्वरबितान खण्ड
- 52
- स्वरलिपि
- Sudhir Chandra Kar
- रचनाकाल
- 1921(১৩২৮)
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