गीत / Kaal Mrigaya

সকলি ফুরাল, স্বপনপ্রায়,

Sakali phuralo swapanopray

Kaal Mrigaya Kaal Mrigaya से · दृश्य 6
सकलि फुराल, स्वपनप्राय়,
कोथा से लुकाल, कोथा से हाय় !
कुसुमकानन हय়ेछे म्लान,
पाखीरा केन रे गाहे ना गान,
ओ !सव हेरि शून्यमय়,
कोथा से हाय় !
काहार तरे आर फुटिवे फुल,
माधवी मालती केँदे आकुल,
सेइ ये आसित तुलिते जल,
सेइ ये आसित पाड়िते फल,
ओ !से आर आसिवे ना,
कोथा से हाय় !

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Sakoli phuralo, swapan-praay,
Kotha se lukalo, kotha se haay.
Kusumokanon hoyechhe mlaan,
Paakhira keno re gaahe na gaan,
O sab heri shunnomoy -
Kotha se haay!
Kahaar tare aar phutibe phul,
Maadhobi maaloti knede aakul!
Sei je aasito tulite jol,
Sei je aasito paarite phal,
O se aar aasibe na -
Kotha se haay!

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