সফল করো হে প্রভু আজি সভা
Saphal karo he probhu
Puja
३०५
सफल करो हे प्रभु आजि सभा, ए रजनी
होक महोৎसवा॥
वाहिर अन्तर
भुवनचराचर मङ्गलडोरे वाँधि एक करो–
शुष्क हृदय़ करो प्रेमे सरसतर,
शून्य नय़ने आनो पुण्यप्रभा॥
अभय़द्वार तव करो हे अवारित, अमृत-उৎस तव करो उৎसारित,
गगने गगने करो
प्रसारित अतिविचित्र तव नित्यशोभा।
सव भकते तव आनो ए परिषदे, विमुख चित्त यत करो नत तव
पदे,
राज-अधीश्वर, तव
चिरसम्पदे सव सम्पद करो हतगरवा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Saphalo karo hey probhu aaji sabha, e rajani hok mahotsaba. Baahir antar bhubanocharachar mangaldore bnaadhi ek karo - Shushka hridoy karo preme sarastaro, shunyo nayone aano punyoprobha. Abhayodwaar taba karo hey abaarito, amrito utsa tabo karo utsarito, Gagone gagone karo prosarito oti bichitro tabo nityoshobha. Sab bhakote tabo aano e porishade, bimukho chitto jato karo nato tabo pade, Raaj adheeshwaro, tabo chirosampade sab sampad karo hatagaroba.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 305(পূজা)
- उप-पर्याय
- Utsav
- राग
- Sahana(সাহানা)
- ताल
- Tritaal(ত্রিতাল)
- घराना
- Hindustani
- स्वरबितान खण्ड
- 4
- स्वरलिपि
- Kangalicharan Sen
- रचनाकाल
- 1901(১৩০৮)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?