सर्व खर्वतारे दहे तव क्रोधदाह
Sarba kharbatare dahe
पूजा
२३४
सर्व खर्वतारे दहे तव त्रोधदाह–
हे भैरव, शक्ति दाओ, भक्त-पाने चाहो॥
दूर करो महारुद्र याहा मुग्ध, याहा क्षुद्र–
मृत्युरे करिवे तुच्छ प्राणेर उৎसाह॥
दुःखेर मन्थनवेगे उठिवे अमृत,
शङ्का हते रक्षा पावे यारा मृत्युभीत।
तव दीप्त रौद्र तेजे निर्झरिय़ा गलिवे ये
प्रस्तरशृङ्खलोन्मुक्त त्यागेर प्रवाह॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Sarbo kharbotaare dahe taba krodhdaho - Hey bhoirab, shokti daao, bhakto-paane chaaho. Dur karo maharudra jaaha mugdho, jaaha khudro - Mrityure koribe tuchho praaner utsaho. Dukhyer monthanbege uthibe amrito, Shanka hote rokkha paabe jaara mrityubhito. Tabo dipto roudra teje nirjhoriya golibe je Prostarosringkhalomukto tyager probaho.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1929(১৩৩৬)
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