से कोन् वनेर हरिण छिल आमार मने
Se kon boner horin
विचित्र
से कोन् वनेर हरिण छिल आमार मने।
के तारे वाँधल अकारणे॥
गतिरागेर से छिल गान, आलोछाय़ार से छिल
प्राण,
आकाशके से चमके दित वने॥
मेघला दिनेर आकुलता वाजिय़े येत पाय़े
तमाल-छाय़े-छाय़े।
फाल्गुने से पिय़ालतलाय़
के जानित कोथाय़ पलाय़
दखिन-हाओय़ार
चञ्चलतार सने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Se kon boner horin chhilo aamar mone. Ke taare bnaadhlo akarane. Gatiraager se chhilo gaan, aalochhaayar se chhilo praan, Aakashke se chamke dito bone. Meghla diner aakulata baajiye jeto paaye Tamaal chhaaye chhaaye. Phaalgune se piyaltalay ke jaanito kothay palay Dokhin-haawar chanchalatar sane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1918(১৩২৫)
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