से दिने आपद आमार यावे केटे
Se dine apod amar jabe
पूजा
से दिने आपद आमार यावे केटे पुलके हृदय़ येदिन पड़ेव फेटे॥ तखन तोमार गन्ध तोमार मधु आपनि वाहिर हवे वँधु हे, तारे आमार व'ले छले वले के वलो आर राखवे एँटे॥ आमारे निखिल भुवन देखछे चेय़े रात्रिदिवा। आमि कि जानि ने तार अर्थ किवा! तारा ये जाने आमार चित्तकोषे अमृतरूप आछे वसे गो– तारेइ प्रकाश करि, आपनि मरि, तवे आमार दुःख मेटे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Se dine aapod jaabe kete Puloke hridoy jedin porbe phete. Takhon tomar gandho tomar modhu aapni baahir hobe bnodhu hey, Taare aamar bole chhole bale ke balo aar raakhbe ente. Aamare nikhilo bhban dekhechhe cheye raatridiba. Aami ki jaanine taar artho kiba! Taara je jaane aamar chittokoshe amirtorup aachhe bose go - Taarei prokash kori, aaponi mori, tobe aamar dukkho mete.
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- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 10 April 1914(২৭ চৈত্র ১৩২০)
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