शेष नाहि ये, शेष कथा के वलवे
Shes nahi je shes
पूजा
६०६
शेष नाहि
ये, शेष कथा के वलवे?
आघात हय़े देखा दिल, आगुन हय़े ज्वलवे॥
साङ्ग हले मेघेर पाला शुरु हवे वृष्टि-ढाला,
वरफ-जमा सारा हले नदी हय़े गलवे॥
फुराय़ या
ता फुराय़ शुधु चोखे,
अन्धकारेर पेरिय़े दुय़ार याय़ चले आलोके।
पुरातनेर हृदय़ टुटे आपनि नूतन उठवे फुटे,
जीवने फुल फोटा हले मरणे फल फलवे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Shesh naahi je, sheshkatha ke bolbe? Aaghat hoye dekha dilo, aagun hoye jwolbe. Shaango hole megher paala shuru hobe brishti- dhaala, Baroph-joma saara hole nodi hoye golbe. Phuray ja ta phuray sudhu chokhe, Andhokarer periye duyar jaay chole aaloke. Puratoner hridoy tute aapni nuton uthbe phute, Jibone phul phota hole morone phol pholbe.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 13 September 1914(২৮ ভাদ্র ১৩২১)
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