शीतेर हाओय़ार लागल नाचन
Shiter hawar laglo nachon
प्रकृति
शीतेर हाओय़ार लागल नाचन आम्लकिर एइ डाले डाले।
पातागुलि शिर्शिरिय़े झरिय़े दिल ताले ताले॥
उड़िय़े देवार मातन
एसेकाङाल तारे करल शेषे,
तखन ताहार फलेर वाहार
रइल ना आर अन्तराले॥
शून्य करे भरे देओय़ा याहार खेला
तारि लागि रइनु वसे सकल वेला।
शीतेर परश थेके थेके
याय़ वुझि ओइ डेके डेके,
सव खोओय़ावार समय़ आमार हवे कखन कोन् सकाले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Shiter haawar laaglo naachon aamlokir ei daale daale. Paataguli shirshirye jhoriye dilo taale taale. Uriye debar maaton ese kaangal taare korlo shese, Takhon taahar phaler baahar roilo na ar antorale. Shunyo kore bhore dewa jaahar khela Taari laagi roinu bose sokal bela. Shiter parosh theke theke jaay bujhi oi deke deke Sob khowabar samay aamar hobe kakhon kon sakaale.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रकृति · 176(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- शीत(শীত)
- राग
- बेहग्-खम्बज्-बौल(বেহাগ-খাম্বাজ-বাউল)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- ऋतु
- शीत(শীত)
- प्रकाशित
- बेतल(বেতল)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबितन १५ (नबगीतिक) / २(স্বরবিতান ১৫ (নবগীতিকা) / ২)
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1922(১৩২৯)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।