श्रावणेर गगनेर गाय विद्युৎ चमकिया याय
Shrabaner gaganer gay
प्रकृति
श्रावणेर गगनेर गाय विद्युৎ चमकिया याय । क्षणे क्षणे शर्वरी शिहरिया उठे, हाय ॥ तेमनि तोमार वाणी मर्मतले याय हानि सङ्गोपने, धैरज याय ये टुटे, हाय ॥ येमन वरषाधाराय अरण्य आपना हाराय वारे वारे घन रस-आवरणे तेमनि तोमार स्मृति ढेके फेले मोर गीति निविड धारे आनन्द-वरिषणे, हाय ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Shraaboner gagoner gaay bidyut chamokiya jaay. Khane khane sharbori shihoriya otthe, haay. Temoni tomar baani marmotale jaay haani sangopane, Dhairaja jaay je tute, haay. Jemono barshaadhaaray aronyo aapona haaray baare baare Ghano raso-aborane Temoni tomai smriti dheke phele mor geeti Nibiro dhaare aanondo-borishane, haay.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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