शुनि ओइ रुनुझुनु
Shuni oi runujhunu paye
नाट्यगीति
शुनि ओइ रुनुझुनु पाय़े पाय़े नूपुरध्वनि
चकित पथे वने वने॥
निर्झर झरो झरो झरिछे दूरे,
जलतले वाजे शिला ठुनु-ठुनु ठुनु-ठुनु॥
झिल्लिझङ्कृत वेणुवनछाय़ा पल्लवमर्मरे काँपे,
पापिय़ा डाके, पुलकित शिरीषशाखे
दोल
दिय़े याय़ दक्षिणवाय़ पुन
पुन॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Shuni oi runujhunu paaye paaye nupurdhwani Chokito pathe bone bone. Nirjhar jharo jharo jhorichhe dure, Jalotale baaje shila thunu-thunu-thunu-thunu. Jhillijhankrito benubanochhaaya pallabomarmare knaape, Paapiya daake, pulokito shirishshaakhe Dol diye jaay dokkhinobaay puno puno.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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