তাঁহার আনন্দধারা জগতে যেতেছে বয়ে
Tahar anandadhara
Puja O Prarthana
ताँहार आनन्दधारा जगते येतेछे वय़े, एसो सवे नरनारी आपन हृदय़ ल'य़े॥ से आनन्दे उपवन विकशित अनुक्षण, से आनन्दे धाय़ नदी आनन्दवारता क'य़े॥ से पुण्यनिर्झरस्रोते विश्व करितेछे स्नान, राखो से अमृतधारा पूरिय़ा हृदय़ प्राण। तोमरा एसेछ तीरे– शून्य कि याइवे फिरे, शेषे कि नय़ननीरे डुविवे तृषित हय़े॥ चिरदिन ए आकाश नवीन नीलिमामय़, चिरदिन ए धरणी यौवने फुटिय़ा रय़। से आनन्दरसपाने चिरप्रेम जागे प्राणे, दहे ना संसारताप संसार-माझारे र'य़े॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tnaahar anondodhaara jagote jetechhe boye, Eso sabe naro-nari aapono hridayo loye. Se anondo upobon bikashito anukhhon, Se anonde dhaay nodi anondobarota koye. Se punyo-nirjhar-srote bishwo koritechhe snaan, Raakho se amritodhaara puriya hridayo praan. Tomra esechho tire- dubibe trishito hoye. Chirodin e aakash nobin nilimamoy, Chirodin e dharoni joubane phutiya roy. Se anondo-raso-pane chiro-prem jaage praane, Dahe na sangsar-taap sangsar-maajhare roye.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja O Prarthana · 36(পূজা ও প্রার্থনা)
- राग
- Bahaar
- ताल
- Ara-Theka(আড়াঠেকা)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Robichhaya
- प्रकाशित
- Tatwabodhini Patrika
- स्वरबितान खण्ड
- 45
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 1884(১২৯১)
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