তাঁহারে আরতি করে চন্দ্র তপন
Tahare arati kore
Puja
४७५
ताँहारे आरति करे चन्द्र
तपन, देव मानव वन्दे चरण–
आसीन सेइ विश्वशरण ताँर जगतमन्दिरे॥
अनादिकाल अनन्तगगन
सेइ असीम-महिमा-मगन–
ताहे तरङ्ग उठे सघन आनन्द-नन्द-नन्द रे॥
हाते लय़े छय़ ऋतुर
डालि पाय़े देय़ धरा कुसुम ढालि–
कतइ वरण, कतइ गन्ध कत गीत कत छन्द रे॥
विहगगीत गगन
छाय़– जलद गाय़, जलधि गाय़–
महापवन हरषे धाय़, गाहे गिरिकन्दरे।
कत कत शत
भकतप्राण हेरिछे पुलके, गाहिछे गान–
पुण्य किरणे फुटिछे प्रेम, टुटिछे मोहवन्ध
रे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tnaahare aroti kore chandro tapon, debo manobo bande charon- Ashin sei bishwosharon taar jagotomondire. Anadikal anontogogon sei asim-mohima-magon- Taahe tarongo utthe saghono aanondo-nando-nando re. Haate loye chhoy ritur daali paaye dey dhora kushumo dhaali- Katoi baron katoi ghandho kato git kato chhando re Bihagogit gagono chhaay- jalodo gaay, jalodhi gaay- Mahapabon haroshe dhaay, gaahe girikandare. Kato kato shato bhakotopraan herichhe puloke, gaahichhe gaan- Punyo kirane phutichhe prem, tutichhe mohobandho re.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 475(পূজা)
- उप-पर्याय
- Bibidha
- ताल
- Choutaal(চৌতাল)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Robichhaya
- स्वरबितान खण्ड
- 22
- स्वरलिपि
- Kangalicharan Sen / Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1884(১২৯১)
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