तोमार वीणाय़ गान छिल आर
Tomar binay gan chhilo
प्रेम
तोमार वीणाय़ गान छिल आर आमार डालाय़ फुल छिल गो।
एकइ दखिन हाओय़ाय़ से दिन दोँहाय़ मोदेर दुल दिल गो॥
से दिन से तो जाने ना
केउ आकाश भरे किसेर से ढेउ,
तोमार सुरेर तरी आमार रङिन फुले
कूल निल गो॥
से दिन आमार मने हल, तोमार गानेर ताल ध’रे
आमार प्राणे फुल-फोटानो रइवे चिरकाल ध’रे।
गान तवु तो गेल भेसे,
फुल फुरालो दिनेर शेषे,
फागुनवेलार मधुर खेलाय़
कोन्खाने हाय़ भुल छिल गो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tomar binay gaan chhilo aar aamar daalaye phul chilo go. Eki dokhin haaway sedin dohaay moder dul dilo go. Sedin se to jaane na keu aakash bhore kiser se dheu, Tomar surer tori aamar rongin phule kul nilo go. Sedin aamar mone holo tomar gaaner taal dhore Aamar praane phul photano roibe chirokal dhore. Gaan tobu to gelo bhese, phul phuralo diner seshe, Phagunbelar modhur khelay konkhane haay bhul chilo go.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 244(প্রেম)
- उप-पर्याय
- प्रेम्-बोइचित्र(প্রেম্-বোইচিত্র)
- राग
- किर्तन(কীর্তন)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- शास्त्रीय और क्षेत्रीय रूप(শাস্ত্রীয় ও আঞ্চলিক রূপ)
- प्रकाशित
- शन्तिनिकेतन पत्रिक(শান্তিনিকেতন পত্রিকা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ३०(স্বরবিতান ৩০)
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 6 April 1923(২৩ চৈত্র ১৩২৯)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।