तोमार द्वारे केन आसि भुलेइ ये याइ
Tomar dware keno asi
पूजा
२४३
तोमार द्वारे केन आसि भुलेइ ये याइ, कतइ की चाइ–
दिनेर शेषे घरे एसे लज्जा ये पाइ॥
से-सव चाओय़ा सुखे दुखे भेसे वेड़ाय़ केवल मुखे,
गभीर वुके
ये चाओय़ाटि गोपन ताहार कथा ये नाइ॥
वासना सव वाँधन येन कुँड़िर गाय़े–
फेटे यावे, झरे यावे दखिन-वाय़े।
एकटि चाओय़ा भितर हते फुटवे तोमार भोर-आलोते
प्राणेर स्रोते–
अन्तरे सेइ गभीर आशा वय़े वेड़ाइ॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tomar dwaare keno aasi bhulei je jai, katoi ki chaai- Diner sheshe ghare ese lajja je paai. Se sab chaawa sukhe dukhe bhese beray kebal mukhe, Gobhir buke Je chaawati gopan tahar katha je naai. Basona sab bnaadhan jeno kurir gaaye- Phete jaabe, jhore jaabe dakhin-baaye. Ekti chaawa bhitar hote phutbe tomar bhor-aalote Praaner srote- Antare sei gobhir aasha boye berai.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 243(পূজা)
- उप-पर्याय
- आश्वस(আশ্বস)
- राग
- भैरवि(ভৈরবী)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबितन ३४ (गीतबिथिक)(স্বরবিতান ৩৪ (গীতবীথিকা))
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1918(১৩২৫)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।