तोमार हातेर राखीखानि
Tomar hater rakhikhani
पूजा
३४३
तोमार हातेर राखीखानि वाँधो आमार दखिन-हाते
सूर्य येमन धरार करे आलोक-राखी जड़ाय़ प्राते॥
तोमार आशिस आमार
काजे सफल हवे विश्व-माझे,
ज्वलवे तोमार दीप्त शिखा आमार सकल वेदनाते॥
कर्म करि ये हात लय़े कर्मवाँधन तारे वाँधे।
फलेर आशा शिकल हय़े जड़िय़े धरे जटिल फाँदे।
तोमार राखी वाँधो
आँटि–सकल वाँधन यावे काटि,
कर्म तखन वीणार मतो वाजवे मधुर मूर्छनाते॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Tomaar haater rakhikhani bnaadho aamar dokhin-haate Surjo jemon dharaar kare aalok-raakhi joray prate. Tomar aashish aamar kaaje saphal habe bishwa maajhe, Jwalbe tomar dipta shikha aamar sakol bedonate. Karmo kori je haat loye karmabnaadhan taare baadhe. Pholer aasha shikol hoye joriye dhare jatil phaade. Tomar rakhi bnaadho aanti sakol baadhan jaabe kaati, Karmo takhan binar moton baajbe modhur murchhonaate.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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