गीत / Prem

সখী, বলো দেখি লো (বল্ দেখি সখী লো - বলো দেখি সখী লো)

Prem
सखी,   वलो देखि लो,

       निरदय़ लाज
तोर टुटिवे कि लो।

       चेय़े आछि,
ललना–

       मुखानि
तुलिवि कि लो,

       घोमटा
खुलिवि कि लो,

       आधफोटा
अधरे हासि फुटिवे कि लो॥

       शरमेर मेघे
ढाका विधुमुखानि–

       मेघ टुटे
जोछना फुटे उठिवे कि लो।

  तृषित आँखिर आशा पूरावि कि लो–

  तवे   घोमटा खोलो,
मुखटि तोलो,   आँखि मेलो लो॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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