गीत / प्रकृति

सारा निशि छिलेम शुय़े (यखन सारा निशि छिलेम शुय़े)

sara nishi chilema shuye yakhana sara nishi chilema shuye

प्रकृति
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सारा निशि छिलेम शुय़े    विजन भुँय़े

आमार   मेठो फुलेर पशापाशि,

तखन    शुनेछिलेम तारार वाँशि॥

एखन    सकालवेला खुँजे
देखि   स्वप्ने-शोना से सुर एकि

आमार   मेठो फुलेर चोखेर जले उठे भासि॥

       ए सुर आमि
खुँजेछ्लेम राजार घरे,

       शेषे धरा
दिल धरार धूलिर ’परे।

ए ये   घासेर कोले आलोर भाषा
आकाश-हते-भेसे-आसा–

ए ये   माटिर कोले मानिक-खसा हासिराशि॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।