आछे दुःख, आछे मृत्यु
Achhe dukkho achhe mrityu
पूजा
२४८
आछे दुःख, आछे मृत्यु, विरहदहन लागे।
तवुओ शान्ति, तवु आनन्द, तवु अनन्त जागे॥
तवु प्राण नित्यधारा, हासे सूर्य चन्द्र तारा,
वसन्त निकुञ्जे आसे विचित्र रागे॥
तरङ्ग मिलाय़े याय़ तरङ्ग उठे,
कुसुम झरिय़ा पड़े कुसुम फुटे।
नाहि क्षय़, नाहि शेष, नाहि नाहि दैन्यलेश–
सेइ पूर्णतार पाय़े मन स्थान मागे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aachhe dukkho, aachhe mrityu, birahodahano laage. Tobuo shaanti, tobu aanondo, tobu anonto jaage. Tobu praan nityodhaara, haase surjo chandro taara, Basonto nikunje aase bichitra raage. Tarongo milaye jaay tarongo utthe, Kusum jhoriya pare kusumo phute. Naahi khay, naahi shesh, naahi naahi doinyolesho - Sei purnotar paaye mon sthaan maage.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 248(পূজা)
- उप-पर्याय
- आश्वस(আশ্বস)
- राग
- मिश्र-जोगिय-ललित(মিশ্র-যোগিয়া-ললিত)
- ताल
- एक्ताल(একতাল)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- प्रकाशित
- स्प्रिन्ग १९०३(স্প্রিন্গ ১৯০৩)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन २७(স্বরবিতান ২৭)
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1903(১৩১০)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।