आगुनेर परशमणि छोँय़ाओ प्राणे
Aguner paroshmoni chhoao
पूजा
२१२
आगुनेर परशमणि छोँय़ाओ प्राणे।
ए जीवन पुण्य करो दहन-दाने॥
आमार एइ देहखानि तुले धरो,
तोमार ओइ देवालय़ेर प्रदीप करो–
निशिदिन आलोक-शिखा ज्वलुक गाने॥
आँधारेर गाय़े गाय़े परश तव
सारा रात फोटाक तारा नव नव।
नय़नेर दृष्टि हते घुचवे कालो,
येखाने पड़वे सेथाय़ देखवे आलो–
व्यथा मोर उठवे ज्वले ऊधर्व-पाने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaguner paroshmoni chnoao praane. E jibon punyo karo dahon daane. Aamar ei dehokhani tule dharo, Tomar oi debaloyer prodip koro - Nishidin aalok sikha jwoluk gaane. Aandharer gaaye gaaye parosh tabo Saara raat photak taara nabo nabo. Nayoner drishti hote ghuchbe kaalo, Jekhane porbe sethaay dekhbe aalo - Byatha mor utthbe jwole urdho-paane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 13 September 1914(২৮ ভাদ্র ১৩২১)
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