আজ জ্যোৎস্নারাতে সবাই গেছে বনে
Aj jyotsnarate sobai
Puja
आज ज्योৎस्नाराते सवाइ गेछे वने
वसन्तेर एइ माताल समीरणे॥
याव ना गो याव ना ये, रइनु पड़े घरेर माझे–
एइ निरालाय़ रव आपन कोणे।
याव ना एइ माताल समीरणे॥
आमार ए घर वहु यतन क’रे
धुते हवे मुछते हवे मोरे।
आमारे ये जागते हवे, की जानि से आसवे कवे
यदि आमाय़ पड़े ताहार मने
वसन्तेर एइ माताल समीरणे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaj jyotsnaraate sobai gechhe bone Basonter ei maatal somirone. Jaabo na go jaabo na je, roinu pore ghorer maajhe - Ei niralay rabo aapon kone. Jaabo na ei maatal somirone. Aamar e ghor bohu jaton kore Dhute hobe muchhte hobe more. Aamare je jaagte hobe, ki jaani se aasbe kabe Jodi aamay pore taahar mone Basonter ei maatal somirone.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 146(পূজা)
- उप-पर्याय
- Biraha
- राग
- Behag(বেহাগ)
- ताल
- Teyora(তেওরা)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Geetimalya
- प्रकाशित
- Ananda Sangeet' Patrika Agrahayan, 1325
- स्थान
- Shantiniketan
- स्वरबितान खण्ड
- 40
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 19 March 1914(৫ চৈত্র ১৩২০)
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