आज कि ताहार वारता पेल रे
Aj ki tahar barota pelo
प्रकृति
आज कि ताहार वारता पेल रे किशलय़।
ओरा कार कथा कय़
रे वनमय़॥
आकाशे आकाशे दूरे दूरे
सुरे सुरे
कोन्
पथिकेर गाहे जय़॥
येथा चाँपा-कोरकेर शिखा ज्वले
झिल्लिमुखर घन वनतले,
एसो कवि, एसो, माला परो, वाँशि धरो–
होक गाने गाने विनिमय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaj ki taahar baarota pelo re kisholoy. Ora kaar katha koy re bonomoy. Aakashe aakashe dure dure sure sure Kon pothiker gaahe joy. Jetha chnaapa-koroker shikha jwale Jhillimukharo ghano bonotale, Eso kobi, eso, maala paro, bnaasi dharo - Hok gaane gaane binimoy.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet. / अरुणधति देवीअरुणधति देवी1925–1990Bengali actress, film director and writer, and a singer of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 22 February 1925(১০ ফাল্গুন ১৩৩১)
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