आजि झरो झरो मुखर वादरदिने
Aji jharo jharo mukhoro
प्रकृति
आजि झरो झरो मुखर वादरदिने
जानि ने, जानि ने किछुते केन ये मन लागे ना॥
एइ चञ्चल सजल
पवन-वेगे उद्भ्रान्त मेघे मन चाय़
मन चाय़ ओइ वलाकार पथखानि निते चिने॥
मेघमल्लारे सारा दिनमान
वाजे झरनार गान।
मन हारावार आजि
वेला, पथ भुलिवार खेला–मन चाय़
मन चाय़ हृदय़ जड़ाते कार चिरऋणे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji jharo jharo mukharo baadorodine Jaani ne, jaani ne kichhute keno je mono laage naa. Ei chanchalo sajolo pabono bege udbhranto meghe mon chaay Mon chaay oi balakar pathokhani nite chine. Meghomallare saara dinomaan. Baaje jharnaro gaan. Mon haarabar aaji bela, patho bhulibaar khela - mono chaay Mono chaay hridayo jarate kaar chirorine.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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