আকাশ আমায় ভরল আলোয়
Akash amay bhorlo aloy
Prakriti
आकाश आमाय़ भरल आलोय़, आकाश आमि भरव गाने।
सुरेर आवीर हानव हाओय़ाय़, नाचेर
आवीर हाओय़ाय़ हाने॥
ओरे पलाश, ओरे पलाश,
राङा रङेर
शिखाय़ शिखाय़ दिके दिके आगुन ज्वलास–
आमार मनेर
राग रागिणी राङा हल रङिन ताने॥
दखिन-हाओय़ाय़ कुसुमवनेर वुकेर काँपन थामे ना ये।
नील आकाशे सोनार आलोय़ कचि पातार नूपुर वाजे।
ओरे शिरीष, ओरे शिरीष,
मृदु
हासिर अन्तराले गन्धजाले शून्य घिरिस–
तोमार
गन्ध आमार कन्ठे आमार हृदय़ टेने आने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aakash aamay bhorlo aaloy, Aakash aami bhorbo gaane. Surer aabir haanbo haaway, Naacher aabir haaway haane. Ore palash, ore palash, Raanga ranger shikhay shikhay Dike dike aagun jwaalas - Aamar moner raag raagini Raanga holo rongin taane. Dokhin haaway kusumboner Buker knaapon thaame naa je. Neel aakashe sonar aaloy Kochi paatar nupur baaje. Ore shirish, ore shirish, Mridu haasir antorale Gandhojaale shunyo ghiris - Tomar gandho aamar kantthe Aamar hriday tene aane.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prakriti · 205(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- Basanta
- राग
- Chhayanat(ছায়ানট)
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- घराना
- Hindustani
- ऋतु
- Barsha(বর্ষা)
- संकलन
- Phalguni
- प्रकाशित
- Sabujpatra
- स्थान
- Surul
- स्वरबितान खण्ड
- 7 (Phalguni)
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 25 February 1915(১৩ ফাল্গুন ১৩২১)
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