आलोर अमल कमलखानि
Alor amol kamalkhani
प्रकृति
आलोर अमल कमलखानि के फुटाले,
नील आकाशेर घुम छुटाले॥
आमार मनेर
भाव्नागुलि वाहिर हल पाखा तुलि,
ओइ कमलेर पथे तादेर सेइ जुटाले॥
शरतवाणीर वीणा वाजे कमलदले।
ललित रागेर सुर झरे ताइ शिउलितले।
ताइ तो वातास वेड़ाय़
मेते कचि धानेर सवुज क्षेते,
वनेर प्राणे मर्मरानिर ढेउ उठाले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aalor amolo kamolokhaani ke phutale, Nil aakasher ghum chhutale. Aamar moner bhaabnaguli baahir holo paakha tuli, Oi kamoler pothe taader sei jutale. Sharotobaanir bina baaje kamolodale. Lolito raager sur jhare taai shiulitale. Taai to baatas beray mete kochi dhaaner sobuj khete, Boner praane mormorani dheu utthale.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 28 February 1927(১৬ ফাল্গুন ১৩৩৩)
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