आमार व्यथा यखन आने आमाय़
Amar byatha jakhon ane
पूजा
आमार व्यथा यखन आने आमाय़ तोमार द्वारे
तखन आपनि एसे द्वार खुले दाओ, डाको तारे॥
वाहुपाशेर काङाल से ये, चलेछे ताइ सकल त्येजे,
काँटार पथे धाय़ से तोमार अभिसारे॥
आमार व्यथा यखन वाजाय़ आमाय़ वाजि सुरे–
सेइ गानेर टाने पारो ना आर रइते दूरे।
लुटिय़े पड़े से गान मम झड़ेर रातेर पाखि-सम,
वाहिर हय़े एसो तुमि अन्धकारे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar byatha jakhon aane aamay tomar dwaare Takhon aapni ese dwaar khule daao, daako taare. Baahupaasher kaangal se je, cholechhe taai sakol tejye, Knaatar pathe dhaay se tomar obhisaare. Aamar byatha jakhon baajay aamay baaji sure - Sei gaaner taane paaro naa aar roite dure. Lutiye pare se gaan mamo jharer raater paakhi samo, Baahir hoye eso tumi andhokaare.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 28 February 1914(১৬ ফাল্গুন ১৩২০)
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