आमार दिन फुराल व्याकुल वादलसाँझे
Amar din phuralo
प्रकृति
आमार
दिन फुराल व्याकुल वादलसाँझे
गहन मेघेर निविड़ धारार माझे॥
वनेर छाय़ाय़ जल छलछल
सुरे
हृदय़ आमार कानाय़
कानाय़ पूरे।
खने खने ओइ गुरुगुरु
ताले ताले
गगने गगने
गभीर मृदङ वाजे॥
कोन् दूरेर मानुष येन एल आज काछे,
तिमिर-आड़ाले नीरवे दाँड़ाय़े आछे।
वुके दोले तार
विरहव्यथार माला
गोपन-मिलन-अमृतगन्ध-ढाला।
मने हय़ तार चरणेर
ध्वनि जानि –
हार मानि तार अजाना जनेर साजे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar din phuralo byakulo baadolosnaajhe Gahono meghero nibiro dhaarar maajhe. Boner chhaayay jalochhalochhalo sure Hriday aamar kaanay kaanay pure. Khane khane oi guru guru taale taale Gagone gagone gobhir mridango baaje. Kon durer maanus jeno elo aaj kaachhe, Timiro aarale nirabe dnaaraye aachhe. Buke dole taar birahobyathar maala Gopano milano aamritogandho dhaala. Mone hoy taar charoner dhwoni jaani - Haar maani taar ajana joner saaje.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1920(১৩২৭)
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