आमार एकटि कथा वाँशि जाने
Amar ekti kotha
प्रेम
आमार एकटि कथा वाँशि जाने, वाँशिइ जाने॥ भरे रइल वुकेर तला, कारो काछे हय़ नि वला, केवल वले गेलेम वाँशिर काने काने॥ आमार चोखे घुम छिल ना गभीर राते, चेय़े छिलेम चेय़े-थाका तारार साथे। एमनि गेल सारा राति, पाइ नि आमि जागार साथि– वाँशिटिरे जागिय़े गेलेम गाने गाने॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar ekti katha bnaashi jaane, bnaashi-i jaane. Bhore roilo buker tala, kaaro kaachhe hoy ni bala, Kebol bole gelem bnaashir kaane kaane. Aamar chokhe ghum chhilo na gobhir raate, Cheye chhilem cheye thaaka taarar saathe. Emni gelo saara raati, paai ni aamar jaagar saathi - Bnaashitire jaagiye gelem gaane gaane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- August 1915(ভাদ্র ১৩২২)
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