आमार रात पोहालो शारद प्राते
Amar rat pohalo sharod
प्रकृति
आमार रात पोहालो शारद प्राते।
वाँशि, तोमाय़ दिय़े याव काहार हाते॥
तोमार वुके वाजल ध्वनि
विदाय़गाथा
आगमनी कत ये–
फाल्गुने
श्रावणे कत प्रभाते राते॥
ये कथा रय़ प्राणेर भितर अगोचरे
गाने गाने निय़ेछिले चुरि करे।
समय़ ये तार हल गत
निशिशेषेर तारार मतो,
शेष दाओ शिउलिफुलेर मरण-साथे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar raat pohalo shaarodo praate. Bnaashi, tomay diye jaabo kaahar haate. Tomar buke baajlo dhwoni Bidaygaatha aagomoni, kato je - Phaalgune shraabone, kato probhate raate. Je katha roy praaner bhitor agochare Gaane gaane niechhile churi kore. Samay je taar holo gato Nishishesher taarar moto - Shesh kore daao shiuliphuler maron-saathe.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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