আমার সকল দুখের প্রদীপ জ্বেলে
Amar sakol dukher pradip
Puja
२०१
आमार सकल दुखेर प्रदीप ज्वेले दिवस गेले करव निवेदन–
आमार व्यथार पूजा हय़ नि समापन॥
यखन वेला-शेषेर छाय़ाय़ पाखिरा याय़ आपन कुलाय़-माझे,
सन्ध्यापूजार घन्टा यखन वाजे,
तखन आपन शेष शिखाटि ज्वालवे ए जीवन–
आमार व्यथार पूजा हवे समापन॥
अनेक दिनेर अनेक कथा, व्याकुलता, वाँधा वेदन-डोरे,
मनेर माझे उठेछे आज भ’रे।
यखन पूजार होमानले उठवे ज्वले एके एके तारा,
आकाश-पाने छुटवे वाँधन-हारा,
अस्तरविर छविर साथे मिलवे आय़ोजन–
आमार व्यथार पूजा हवे समापन॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar sakol dukher prodip jwele dibos gele korbo nibedon - Aamar byathar puja hoy ni samapan. Jokhon bela-sesher chhaayay paakhira jaay aapon kulay-maajhe, Sondha pujar ghanta jakhon baaje, Taokhon aapon shesh shikhati jwaalbe e jibon - Aamar byathar puja hobe samapan. Anek diner anek katha, byakulota, bnaadha bedano-dore, Moner maajhe utthechhe aaj bhore. Jakhon pujar homanole utthbe jwole eke eke taara, Aakash-paane chutbe bnaadhon-haara, Astorobir chhobir saathe milbe aayojan - Aamar byathar puja hoy ni samapan.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 201(পূজা)
- उप-पर्याय
- Dukkha
- ताल
- Kaharwa(কাহারবা)
- स्वरबितान खण्ड
- 16 (Geetapanchashika)
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1918(১৩২৫)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?