आमि यखन ताँर दुय़ारे
Ami jakhon tar duyare
पूजा
३४९
आमि यखन ताँर दुय़ारे भिक्षा निते याइ तखन याहा पाइ
से ये आमि हाराइ वारे वारे॥
तिनि यखन
भिक्षा निते आसेन आमार द्वारे
वन्ध ताला
भेङे देखि आपन-माझे गोपन रतनभार,
हाराय़ ना
से आर॥
प्रभात आसे
ताँहार काछे आलोक भिक्षा निते,
से आलो तार
लुटाय़ धरणीते।
तिनि यखन
सन्ध्या-काछे दाँड़ान ऊधर्व करे, तखन स्तरे स्तरे
फुटे ओठे
अन्धकारेर आपन प्राणेर धन,
मुकुटे
ताँर परेन से रतन॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aami jakhon taar duware bhikkha nite jaai takhon jaaha paai Se je aami haarai baare baare. Tini jakhon bhikkha nite aasen aamaro dwaare, Bandho taala bhenge dekhi aapono maajhe gopano ratonobhaar, Haaray naa se aar. Probhat aase tnaahar kaachhe aalok bhikkha nite, Se aalo taar lutay dharonite. Tini jakhon sondhya kaachhe dnaaran urdhakore, takhon stare stare Phute otthe andhokarer aapan praaner dhan - Mukute tnaar poren se raton.
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- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1918(১৩২৫)
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