अलके कुसुम ना दिय़ो
Aloke kusum na diyo
प्रेम
अलके कुसुम ना दिय़ो, शुधु शिथिल कवरी वाँधिय़ो। काजलविहीन सजल नय़ने हृदय़दुय़ारे घा दिय़ो॥ आकुल आँचले पथिकचरणे मरनेर फाँद फाँदिय़ो– ना करिय़ा वाद मने याहा साध, निदय़ा, नीरवे साधिय़ो॥ एसो एसो विना भूषणेइ, दोष नेइ ताहे दोष नेइ। ये आसे आसुक ओइ तव रूप अयतन-छाँदे छाँदिय़ो। शुधु हासिखानि आँखिकोणे हानि उतला हृदय़ धाँदिय़ो॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aloke kusum na diyo, shudhu shithil karobi bnaadhiyo. Kajolobihin sajalo nayone hridayoduware ghaa diyo. Aakul aanchale pothikocharone maroner phnaad phnaadiyo - Na koriya baad mone jaaha saadh, nidaya, nirabe saadhiyo. Eso eso bina bhushanei, dosh nei taahe dosh nei. Je aase aasuk oi tabo rup ajatano-chnaade chnaadiyo. Shudhu haasikhaani aankhikone haani utala hriday dhnaadhiyo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1901(১৩০৮)
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