अमन आड़ाल दिय़े
Amon aral diye lukiye
पूजा
अमन आड़ाल दिय़े लुकिय़े गेले चलवे ना। एवार हृदय़-माझे लुकिय़े वोसो, केउ जानवे ना, केउ वलवे ना॥ विश्वे तोमार लुकोचुरि, देश-विदेशे कतइ घुरि– एवार वलो आमार मनेर कोणे देवे धरा, छलवे ना॥ जानि आमार कठिन हृदय़ चरण राखार योग्य से नय़– सखा, तोमार हाओय़ा लागले हिय़ाय़ तवु कि प्राण गलवे ना? नाहय़ आमार नाइ साधना–झरले तोमार कृपार कणा तखन निमेषे कि फुटवे ना फुल, चकिते फल फलवे ना?।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Amon aaral diye lukiye gele cholbe na Aabar hridayo-maajhe lukiye boso, keu jaanbe na, keu bolbe na. Bishwe tomar lukochuri desh bideshe katoi ghuri Aabar balo aamar moner kone debe dhara chholbe na Jaani aamar kotthin hriday charon raakhar jogyo se noy Sakha, tomar haawa laagle hiyay tobu ki praan golbe na? Nahoy aamar naai saadhona jhorle tomar kripar kona Takhon nimeshe ki phutbe na phul, chokite phal phalbe na ?
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सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- 27 August 1909(১১ ভাদ্র ১৩১৬)
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