अनेक दिनेर शून्यता मोर
Anek diner shunyota mor
पूजा
२७२
अनेक दिनेर शून्यता मोर भरते हवे
मौनवीणार तन्त्र आमार जागाओ सुधारवे॥
वसन्तसमीरे तोमार फुल-फुटानो वाणी
दिक पराने आनि–
डाको तोमार निखिल-उৎसवे॥
मिलनशतदले
तोमार प्रेमेर अरूप मूर्ति देखाओ भुवनतले।
सवार साथे मिलाओ आमाय़, भुलाओ अहङ्कार,
खुलाओ रुद्धद्वार–
पूर्ण करो प्रणतिगौरवे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Anek diner shunyota mor bhorte hobe Mounabeenar tantro aamar jaagao sudharabe. Basontosomire tomar phul-phutano baani Dik parane aani - Daako tomar nikhilo-utsabe Milanoshatodale Tomar premer arupo murti dekhao bhubantale. Sabar saathe milao aamay, bhulao ahonkar, Khulao ruddhodwaar Purno karo pronotigourabe.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 16 January 1928(৩ মাঘ ১৩৩৪)
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