अनेक कथा वलेछिलेम
Anek katha bolechhilem
प्रेम
अनेक कथा
वलेछिलेम कवे तोमार काने काने॥
कत
निशीथ-अन्धकारे, कत गोपन गाने गाने॥
से कि
तोमार मने आछे ताइ शुधाते एलेम काछे–
रातेर
वुकेर माझे तारा मिलिय़े आछे सकल खाने॥
घुम भेङे
ताइ शुनि यवे दीप-नेभा मोर वाताय़ने।
स्वप्ने-पाओय़ा वादल-हाओय़ा छुटे आसे क्षणे क्षणे–
वृष्टिधारार झरोझरे झाउवागानेर मरोमरे
भिजे माटिर
गन्धे हठाৎ सेइ कथा सव मने आने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Anek katha bolechhilem kabe tomar kaane kaane Kato nishith-andhokare, kato gopan gaane gaane. Se ki tomar mone aachhe taai sudhate elem kaachhe - Raater buker maajhe taara miliye aachhe sakal khaane. Ghum bhenge taai shuni jabe dip-nebha more baatayane Swapnepaawa baadolhaawa chhute aase khane khane - Bristidhaarar jharojhare jhaubaaganer maromare Bhije maatir gandhe hatthat sei katha sab mone aane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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