अन्तर मम विकशित
Antar mamo bikoshito karo
पूजा
अन्तर मम विकशित करो अन्तरतर हे– निर्मल करो, ऊज्ज्वल करो, सुन्दर करो हे॥ जाग्रत करो, उद्यत करो, निर्भय़ करो हे। मङ्गल करो, निरलस नि:संशय़ करो हे॥ युक्त करो हे सवार सङ्गे, मुक्त करो हे वन्ध। सञ्चार करो सकल कर्मे शान्त तोमार छन्द। चरणपद्मे मम चित निस्पन्दित करो हे। नन्दित करो, नन्दित करो, नन्दित करो हे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Antaro mamo bikoshito karo antartaro hey - Nirmalo karo, ujjwalo karo, sundaro karo hey. Jaagroto karo, udyato karo, nirbhayo karo hey. Mangalo karo, niralaso nihsangshoy karo hey. Jukto karo hey sabar sange, mukto karo hey bandho. Sancharo karo sakol karme shaanto tomar chhando. Charonopadde mamo chitto nispondito karo hey. Nondito karo, nondito karo, nondito karo hey.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 111(পূজা)
- उप-पर्याय
- प्रर्थन(প্রর্থন)
- राग
- भैरवि(ভৈরবী)
- ताल
- एक्ताल(একতাল)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- गीतांजलि(গীতাঞ্জলি)
- स्थान
- शिलैदह(শিলাইদহ)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन २४(স্বরবিতান ২৪)
- स्वरलिपि
- कांगालिचरण सेन / दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- 12 December 1907(২৭ অগ্রহায়ণ ১৩১৪)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।