गीत / प्रेम

आपन मन निय़े (सखा, आपन मन निय़े)

apana mana niye sakha apana mana niye

प्रेम
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सखा,   आपन मन निय़े काँदिय़े
मरि,   परेर मन निय़े की हवे।

   आपन मन यदि वुझिते नारि,   परेर
मन वुझे के कवे॥

   अवोध मन लय़े फिरि भवे,   वासना
काँदे प्राणे हा-हा-रवे–

   ए मन दिते चाओ दिय़े फेलो,   केन
गो निते चाओ मन तवे॥

   स्वपनसम सव जानिय़ो
मने,    तोमार केह नाहि ए त्रिभुवने–

   ये जन फिरितेछे आपन आशे   तुमि
फिरिछ केन ताहार पाशे।

   नय़न मेलि शुधु देखे याओ,   हृदय़
दिय़े शुधु शान्ति पाओ–

   तोमारे मुख तुले चाहे ना ये
थाक् से आपनार गरवे॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।