अरूप, तोमार वाणी
Arup tomar bani
पूजा
अरूप, तोमार वाणी अङ्गे आमार चित्ते आमार मुक्ति दिक् से आनि॥ नित्यकालेर उৎसव तव विश्वेर दीपालिका– आमि शुधु तारि माटिर प्रदीप, ज्वालाओ ताहार शिखा निर्वाणहीन आलोकदीप्त तोमार इच्छाखानि॥ येमन तोमार वसन्तवाय़ गीतलेखा याय़ लिखे वर्णे वर्णे पुष्पे पर्णे वने वने दिके दिके तेमनि आमार प्राणेर केन्द्रे निश्वास दाओ पुरे, शून्य ताहार पूर्ण करिय़ा धन्य करुक सुरे, विघ्न ताहार पुण्य करुक तव दक्षिणपाणि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Arup, tomar baani Aange aamar chitte aamar mukti dik se aani. Nityokaaler utsab aobo bishwer dipalika - Aami shudhu taari maatir prodip, jwaalao taahar shikha Nirbanohin aalokodipto tomar ichhakhani. Jemon tomar basontobaay geetolekha jaay likhe Borne borne pushpe borne bone bone dike dike, Jemon tomar praaner kendre nihshwash daao pure, Shunyo taahar purno koriya dhonyo koruk sure - Bighno taahar punyo koruk tabo dokkhinopaani.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 9(পূজা)
- उप-पर्याय
- गान(গান)
- राग
- छयनत(ছায়ানট)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- स्थान
- बुकारेस्ट(বুকারেস্ট)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ३(স্বরবিতান ৩)
- स्वरलिपि
- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 6 December 1926(২১ অগ্রহায়ণ ১৩৩৩)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।