वाहिर पथे विवागी हिय़ा
Bahir pothe bibagi hiya
प्रेम
वाहिर पथे विवागि
हिय़ा किसेर खोँजे गेलि,
आय़ रे फिरे आय़।
पुरानो घरे दुय़ार
दिय़ा छेँड़ा आसन मेलि
वसिवि निरालाय़॥
साराटा वेला
सागरधारे कुड़ालि यत नुड़ि,
नाना रङेर
शामुक-भारे वोझाइ हल झुड़ि,
लवणपारावारेर
पारे प्रखर तापे पुड़ि
मरिलि पिपासाय़–
ढेउय़ेर दोल तुलिल
रोल अकूलतल जुड़ि,
कहिल वाणी की जानि की भाषाय़॥
विराम हल आरामहीन यदि रे तोर
घरे, ना यदि रय़ साथि,
सन्ध्या यदि तन्द्रालीन मौन
अनादरे, ना यदि ज्वाले वाति,
तवु तो आछे आँधार
कोणे ध्यानेर धनगुलि–
एकेला वसि
आपन-मने मुछिवि तार धूलि,
गाँथिवि तारे
रतनहारे, वुकेते निवि तुलि मधुर
वेदनाय़।
काननवीथि फुलेर रीति नाहय़ गेछे भुलि,
तारका आछे गगनकिनाराय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Baahir pathe bibagi hiya kiser khnoje geli, Aay re phire aay. Purano ghare duwar diya chhnera aason meli Bosibi niralay. Saarata bela saagordhaare kurali jato nuri, Naana ranger shamuk-bhaare bojhai holo jhuri, Labonpaarabarer paare prokhar taape puri Morili pipasay - Dheuer dol tulilo rol akultal juri, Kohilo baani ki jaani ki bhaasay. Biram holo aaramhin jodi re tor ghare, Naa jodi roy saathi, Sondha jodi tondralin mouno aandhare, Naa jodi jwole baati, Tobu to aachhe aandhar kone dhyaner dhonguli - Ekela bosi aapanmone muchhibi taar dhuli, Gnaathibi taare ratonohaare bukete nibi tuli Modhur bedonay. Kaanonbithi phuler riti naahoy gechhe bhuli, Taaroka aachhe gagonkinaray.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 321(প্রেম)
- उप-पर्याय
- प्रेम्-बोइचित्र(প্রেম্-বোইচিত্র)
- राग
- ब्रिन्दवनि-सरन्ग(বৃন্দাবনী-সারং)
- ताल
- झम्पक(ঝম্পক)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- महुया(মহুয়া)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५४(স্বরবিতান ৫৪)
- स्वरलिपि
- शांतिदेव घोष
शांतिदेव घोष1910–1999An ashramite of Santiniketan who learnt his songs from Rabindranath himself and travelled with him to Sri Lanka, Java and Bali. Singer, dancer, actor, author and long-serving teacher at Sangit Bhavana.Photographer unknown, 1980 · Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0 - रचनाकाल
- 12 April 1928(২৯ চৈত্র ১৩৩৪)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।