वासन्ती, हे भूवनमोहिनी
Basonti he bhubanomohini
प्रकृति
वासन्ती, हे भुवनमोहिनी, दिकप्रान्ते, वनवनाते, श्याम प्रान्तरे, आश्रछाये, सरोवरतीरे, नदीतीरे नील आकाशे, मलयवातासे व्यापिल अनन्त तव माधुरी॥ नगरे ग्रामे कानने, दिने निशीथे, पिकसङ्गीते, नृत्यगीतकलने विश्व आनन्दित। भवने भवने वीणातान रण-रण झङ्कत। मधुमदमोदित हृदये हृदये रे नवप्राण उच्छ्वसिल आजि, विचलित चित उच्छलि उन्मादना झन-झन झनिल मञ्जीरे मञ्जीरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Baasonti, hey bhubanomohini, Dikopraante, bonobonante, Shyamo praantore, aamrochhaaye, Sarobarotire, nodinire Nilo aakashe, malayobaatase Byapilo anonto tabo maadhuri. Nagore graame kaanone dine nishithe, Pikosongite nrityogitokalone bishwo aanondito. Bhabone bhabone binataan rano-rano jhonkrito. Modhumadomodito hridaye hridaye re Nabopraan uchhoshilo aaji, Bicholito chito uchholi unmaadona Jhano-jhano jhonilo monjire monjire.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1931(১৩৩৮)
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