वेसुर वाजे रे
Besur baje re
पूजा
वेसुर वाजे रे,
आर कोथा नय़, केवल तोरइ आपन-माझे रे॥
मेले ना सुर एइ प्रभाते आनन्दित आलोर साथे,
सवारे से आड़ाल करे, मरि लाजे रे॥
ओरे थामा रे झङ्कार।
नीरव हय़े देख् रे चेय़े, देख् रे चारि धार।
तोरइ हृदय़ फुटे आछे मधुर हय़े फुलेर गाछे,
नदीर धारा छुटेछे ओइ तोरइ काजे रे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Besur baaje re, Aar kotha noy, kebol tor-i aapono-maajhe re. Mele na sur ei probhate aanondito aalor saathe, Sobare se aaral kare, mori laaje re. Ore thaama re jhonkar. Nirab hoye dekh re cheye, dekh re chaari dhaar. Tor-i hriday phute aachhe modhur hoye phuler gaachhe, Nodir dhaara chhutechhe oi tor-i kaaje re.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 26 February 1914(১৪ ফাল্গুন ১৩২০)
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