भालो यदि वास, सखी
Bhalo jodi baso sokhi
नाट्यगीति
भालो यदि वास, सखी, की दिव गो आर— कविर हृदय़ एइ दिव उपहार॥ एत भालोवासा, सखी, कोन् हृदे वलो देखि— कोन् हृदे फुटे एत भावेर कुसुमभार॥ ता हले ए हृदिधामे तोमारि तोमारि नामे वाजिवे मधुर स्वरे मरमवीणार तार। या-किछु गाहिव गान ध्वनिवे तोमारि नाम— की आछे कविर वलो, की तोमारे दिव आर॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Bhaalo jodi baaso, sokhee kee dibo go aar - Kobiro hridayo ei dibo upohar. Eto bhaalobasa, sokhee, kon hride balo dekhi - Kon hride phute eto bhaabero kusumobhaar. Ta hole e hrididhaame tomari tomari naame Baajibe modhuro sware maramobeenaro taar. Ja kichhu gaahibo gaan dhwonibe tomari naam - Kee aachhe kobiro balo, kee tomare dibo aar.
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इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1884(১২৯১)
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