वृष्टिशेषेर हाओय़ा किसेर खोँजे वइछे धीरे धीरे
Bristisheser hawa
प्रकृति
वृष्टिशेषेर हाओय़ा किसेर खोँजे वइछे धीरे धीरे
गुञ्जरिय़ा केन वेड़ाय़ ओ
ये वुकेर शिरे शिरे॥
अलख तारे वाँधा अचिन वीणा धरार वक्षे रहे नित्य लीना– एइ हाओय़ा
कत युगेर कत मनेर कथा वाजाय़ फिरे फिरे॥
ऋतुर परे ऋतु फिरे आसे वसुन्धरार कूले
चिह्न पड़े वनेर घासे घासे फुलेर परे फुले।
गानेर परे गाने तारि साथे कत सुरेर कत ये हार गाँथे– एइ हाओय़ा
धरार कन्ठ वाणीर वरणमालाय़ साजाय़ घिरे घिरे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Brishtishesher haawa kiser khnoje boichhe dhire dhire. Gunjoriya keno beray o je buker shire shire. Alakh taare bnaadha achin bina dharar bokhhe rohi nityo lina - ei haawa Kato juger kato moner katha baajay phire phire. Ritur paare ritu phire aase bosundharar kule Chihno pare boner ghaase ghaase phuler pore phule. Gaaner pore gaane taari saathe kato surer kato je haar gnaathe - ei haawa Dharar kaantthe baanir baronmaalay saajay ghire ghire.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1922(১৩২৯)
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