चरणरेखा तव ये पथे दिले लेखि
Charanorekha tabo je 2
प्रेम और प्रकृति
चरणरेखा तव ये पथे दिले लेखि चिह्न आजि तारि आपनि घुचाले कि॥ छिल तो शेफालिका तोमारि-लिपि-लिखा, तारे ये तृणतले आजिके लीन देखि॥ काशेर शिखा यत काँपिछे थरथरि, मलिन मालती ये पड़िछे झरि झरि। तोमार ये आलोके अमृत दित चोखे स्मरण तारो कि गो मरणे यावे ठेकि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Charonorekha tabo je pathe dile lekhi Chinho aaji taari aaponi ghuchale ki. Chhilo to shephalika tomari-lipi-likha, Taare je trinotale aajike leen dekhi. Kaasher shikha jato knaapichhe tharothari, Molino maaloti je porichhe jhari jhari. Tomar je aaloke amrito ditoa chokhe Smaran taaro ki go marone jaabe theki.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1927(১৩৩৪)
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