छि छि, कुৎसित कुरूप से
Chhi chhi kutsit kurup
चित्रांगदा Chitrangada से · दृश्य 4
छि छि, कुৎसित कुरूप से। हेन वङ्किम भुरुयुग नाहि तार, हेन उज्ज्वल कज्जल-आँखितारा । सन्धिते पारे लक्ष्य किणाङ्कित तार वाहु, विँधिते पारे ना वीरवक्ष कुटिल कटाक्षशरे । नाहि लज्जा, नाइ शङ्का, नाहि निष्ठुर सुन्दर रङ्ग, नाहि नीरव भङ्गिर सङ्गीतलीला इङ्गितछन्दमुखर ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Chhi chhi kutsit kurup se. Heno bonkim bhurujug naahi taar, Heno ujjallo kajjalo-aankhitaara. Sondhite paare lokkho Keenankito taar baahu, Bnidhite paare na beerbokkho Kutil katakkhoshare. Naahi lajja, naahi shanka, Naahi nistthur sundar rango, Naahi neerab bhongir songeetoleela Ingitochhandomodhur.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- चित्रांगदा(চিত্রাঙ্গদা)
- राग
- बेहग(বেহাগ)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- संकलन
- चित्रांगदा(চিত্রাঙ্গদা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबितन १७ (चित्रन्गद)(স্বরবিতান ১৭ (চিত্রাঙ্গদা))
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1936(১৩৪৩)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।