छिन्न शिकल पाय़े निय़े
Chhinno shikol paye
प्रेम
छिन्न शिकल पाय़े निय़े ओरे पाखि,
या उड़े, या उड़े, या रे एकाकी॥
वाजवे तोर पाय़े सेइ वन्ध, पाखाते पावि आनन्द,
दिशाहारा मेघ ये गेल डाकि॥
निर्मल दुःख ये सेइ तो मुक्ति
निर्मल शून्येर प्रेमे–
आत्मविड़म्वना दारुण
लज्जा, निःशेषे याक से थेमे।
दुराशाय़ ये मरावाँचाय़ एत दिन छिलि तोर खाँचाय़,
धूलितले
तारे यावि राखि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Chhinno shikol paaye niye o re paakhi, Jaa ure, jaa ure, jaa re ekaki. Baajbe tor paaye sei bandho, paakhate paabi aanondo - Dishahaara megh je gelo daaki. Nirmal dukkho je sei to mukti nirmal shunyer preme - Attobirombona daarun lajja, nihsheshe jaak se theme. Durashay je marabnaachay etodin chhili tor khaanchay - Dhulitale taare jaabi raakhi.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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